एक डरावनी कहानी | बच्चों की डरावनी कहानियां | Bhoot ki kahani in Hindi | Darawni chudel Ki Kahani

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Bhoot ki kahani in Hindi

Bhoot ki kahani- यह कहानी है एक छोटे से गांव देवनगर की है देवनगर की सड़कों पर भावना और उसकी बेटी कीर्ति दोनों बाजार से अपने घर की तरफ जा रही थी तभी अचानक से भावना को चक्कर आ जाते हैं और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ती है कीर्ति मा मा चिल्लाती है तभी चारों तरफ लोग इकट्ठे हो जाते हैं और भावना को वहां के पास के हॉस्पिटल मैं भर्ती करवा दिया जाता है और अब रात हो चुकी थी हॉस्पिटल के अंदर लगी घड़ी में रात के करीब 12:00 बज रहे थे और साथ ही हर तरफ अंधेरा छा गया था और तभी वहां काले घने अंधेरे में कुत्तों के भौंकने की डरावनी आवाज सुनाई देने लगती है और वही हॉस्पिटल के एक बेड पर भावना सो रही थी साथ ही उसके पास के वार्ड में कुछ और मरीज भी सो रहे थे

Bhoot ki kahani in Hindi– भावना जो कि बेड पर सो रही थी और उसके पास लगा मॉनिटर टिक टिक की आवाज कर रहा था तभी उसके कानों में सन्नाटे को चीरती हुई एक औरत के रोने की आवाज आती है और उसकी नींद टूट जाती है तभी भावना बेड पर बैठते हुए कहती है कि अरे यह औरत के रोने की आवाज कहां से आ रही है और इतनी रात को अस्पताल में यह कौन रो रहा है
और यही सोचते हुए भावना कहती है कि कहीं किसी के साथ कोई दुर्घटना तो नहीं हो गई है
यही सोचकर वह बेड पर बैठ जाती है तभी भावना अपने रूम के गेट की तरफ देखती है और जो वह देखती है वह देखकर उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है और वह जोर से चिख पड़ती है- Bhoot ki kahani in Hindi

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अपने सामने का मंजर देख कर उसकी हालत खराब हो चुकी थी उसके सामने और कोई नहीं बल्कि एक चुड़ैल थी
जो भावना को देख कर रोये जा रही थी
उस चुड़ैल के बाल खुले हुए थे उसके मुंह पर कट के निशान थे और आंखों से खून की लाल बूंदें टपक रही थी बड़े गंदे लंबे नाखून थे जो उस मंजर को और भी डरावना बना रहे थे- Bhoot ki kahani in Hindi
उसे देख कर भावना के होश उड़ चुके थे और वह उसी घबराहट में बोल पड़ती है कि कौन हो तुम चुड़ैल उसका कोई जवाब नहीं देती बल्कि और जोर से रोने लगती है और तभी वह अपनी डरावनी आवाज में उसको कहती है- Bhoot ki kahani in Hindi
की चली जा यहां से जल्दी भाग जा वरना तू भी मारी जाएगी चली जा तु यहां से भाग जा वह बस यही बोले जा रही थी तभी वह चुड़ैल भावना के पास आती है और उसके हाथ में लगे ग्लूकोस की बोतल को एक ही झटके में उसके हाथ से निकाल कर फेंक देती है भावना दर्द के मारे चीख उठती है आ हहहहह और तभी उसके हाथ से खून की बूंदे निकलना शुरू हो जाती है और खून की बूंदे हैं टप टप करके हॉस्पिटल के फर्श पर गिर रही थी भावना दर्द के मारे चीख रही थी चुड़ैल उसके बेड के पास रखे मॉनिटर की तरफ देखती है और उसको उठाकर भावना के ऊपर है फेंक देती है तभी भावना जोर से चीख पड़ती है बचाओ कोई मुझे बजाओ यह मुझे मार डालेगी- Bhoot ki kahani

भावना क्या चीज सुनकर उसके बेड के पास में बैठी उसकी 10 साल की बेटी कीर्ति डर जाती है और अपनी मां के पास आकर कहती है कि मां क्या हुआ तुम क्यों चिखी
भावना डर के मारे लड़खड़ा कर बोलती है कि बचाओ मुझे वह चुड़ैल मुझे मार डालेगी
तभी कीर्ति बोलती है कौन मार देगी मां भावना कहती है वह चुड़ैल मुझे मार देगी कीर्ति फिर बोल पड़ती है कौन चुडैल मां और वह तुम को क्यों मार देगी- Bhoot ki kahani in Hindi

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भावना कहती है देखो उस चुडैल ने मेरे हाथ मैं लगी बोतल को भी फेंक दिया और मॉनिटर को भी मेरे उपर फेंक रही थी
यह सुनकर कीर्ति डर जाती है और वह अपनी मां से कहती है की मां ऐसा तो कुछ भी नहीं है तुम्हारे हाथ में बोतल भी लगी हुई है और मॉनिटर भी सही से चल रहा है- Bhoot ki kahani in Hindi
यह सुनकर भावना एकदम शौक हो जाती है और वह देखती है की कीर्ति सही बोल रही थी उसके हाथ में बोतल अभी लगी हुई थी और साथ ही मॉनिटर भी अपनी जगह पर था
यह देखकर भावना कहती है कि क्या मैं सपना देख रही थी कीर्ति बोल पड़ती है हां मां तुम सपना देख रही थी यहां सब ठीक है भावना बोल पड़ती है बेटा मैंने एक बहुत भयानक सपना देखा और मैं बहुत डर गई थी
भावना जिसने अभी इतना डरावना सपना देखा था अपनी मां की ऐसी हालत देखकर कीर्ति जाती है और डॉ अविनाश को बुला कर ले आती है- Bhoot ki kahani in Hindi

डॉ अविनाश भावना को देखते हैं और उनके पास खड़ी नर्स को गुस्से में डांटते हुए कहते हैं की तुम इतनी लापरवाह कैसे हो सकती हो तुमने अभी तक ग्लूकोस की बोतल को भी नहीं हटाया है और इनको इंजेक्शन भी नहीं लगाया है अगर हम ऐसी लापरवाही करेंगे तो हमारे हॉस्पिटल में कौन आएगा लोग हम पर विश्वास कैसे करेंगे
तभी नर्स अपना सर नीचे झुका आती है और इंजेक्शन लाने चली जाती है तभी भावना डॉक्टर से पूछ पड़ती है कि डॉक्टर मुझे क्या हुआ है और मैं घर कब तक जा पाऊंगी तभी डॉक्टर अविनाश कहते हैं कि आप एकदम ठीक है और आप बहुत जल्द घर जा सकती है यह बोलकर डॉक्टर अविनाश वहां से निकल जाते हैं तभी वह नरेश आती है और ग्लूकोज की बोतल हटा कर और एक इंजेक्शन लगा कर चली जाती है-Bhoot ki kahani in Hindi

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तभी भावना अपनी बेटी कीर्ति को कहती है बेटा तुम यहीं रुको मैं वॉशरूम जाकर आती हूं और भावना वॉशरूम चली जाती है जैसे ही वॉशरूम से बाहर निकलती है उसको ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई उसके पीछे चल रहा हो जब उसने पीछे मुड़कर देखा तब उसको कोई भी दिखाई नहीं दिया लेकिन फिर वह जैसे ही आगे मुड़कर चलने लगी तब फिर उसको वापस किसी के उसके पास होने का एहसास हुआ वह बहुत ज्यादा डर रही थी डरते हुए ही उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी रूह कांप उठी उसके सामने और कोई नहीं बल्कि वही चुड़ैल की इसको थोड़ी देर पहले उसने अपने सपने में देखा था- Bhoot ki kahani in Hindi

Bhoot ki kahani in Hindi– भावना डर के मारे थरथर कहां पर आई थी तभी वह चुड़ैल रोते-रोते बोल पड़ती है चली जा चली जा यहां से वरना मारी जाएगी उसकी इस आवाज से हॉस्पिटल गूंजने लग जाता है तभी भावना वहां से भाग पड़ती है और वह अपने वार्ड रूम में पहुंचती है उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है वह देखती है कि बेड पर वह खुद ही सो रही थी और उसकी बेटी कीर्ति उसके पास बैठी थी यह देख कर उसकी हालत खराब हो गई भावना को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें और क्या ना करे तभी वह अपनी बेटी को आवाज देती है बेटा कीर्ति बेटा कीर्ति तभी कीर्ति उसको हिलाते हुए कहती है मां क्या हुआ तभी भावना अपनी आंखें खुलती है और वह देखकर अचंभित हो जाती है कि वह उसी बेड पर लेटी हुई थी यहां थोड़ी देर पहले उसने खुद को लेटे हुए देखा था उसको समझ नहीं आ रहा था उसके साथ क्या हो रहा है- Bhoot ki kahani in Hindi

Bhoot ki kahani in Hindi-तभी कीर्ति वहां से भाग कर जाती है और डॉक्टर अविनाश को कहती है मां को कुछ हो गया है आप चलो और देखो उनको अभी डॉक्टर अविनाश और साथ में नरेश दोनों ही उसके वार्ड रूप में आ जाते हैं
डॉ अविनाश कहते हैं क्या हुआ आपको भावना लेटे हुए डॉक्टर अविनाश को घूरने लग जाती है देखते ही देखते भावना की आंखें लाल हो जाती है और उनसे खून टपकने लगता है यह देख कर डॉ अविनाश की आंखें हट जाती है और तभी भावना अपने दोनों हाथों से डॉक्टर अविनाश की कॉलर पकड़ लेती है और जोर जोर से चिल्लाने लगती है डॉक्टर कौन सा इंजेक्शन दिया मुझे बताओ कौन सा इंजेक्शन दिया मुझे डॉ अविनाश कि कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है

Bhoot ki kahani in Hindi– तभी भावना डॉक्टर अविनाश के कंधे बिगड़ जाती है और कंधे पर चढ़ते ही वह एक चुड़ैल के रूप में आ जाती है यह मंजर देख कर वहां खड़ी नर्स भी घबरा गई और एकदम से चीख पड़ी यह तो सविता है तभी वह चुड़ैल डॉक्टर अविनाश को जमीन पर गिरा देती है और उसके सीने पर बैठकर अपने तेजधार नाखूनों को उसके सीने को गाड देती है डॉ अविनाश के सीने से खून की एक धारा निकलना शुरू हो जाती है और साथ ही पूरे हॉस्पिटल में डॉ अविनाश के चिल्लाने की आवाज गूंजने लगती है डॉ अविनाश दर्द में करते हुए कहते हैं छोड़ दो मुझे छोड़ दो तभी सविता जो की चुड़ैल है वह कहती है डॉ अविनाश तुम्हारे जैसे राक्षसों को जीने का कोई हक नहीं है आज तुम्हें मरना ही पड़ेगा यह सुनते ही डॉ अविनाश के पैरों तले जमीन निकल जाती है और चुड़ैल के आंखों से खून निकलना शुरू हो जाता है वह जोर-जोर से चिल्लाने लगती है यह एक ऐसा भयानक मंजर था जिसे देख किसी की भी रूह कांप उठे । तभी सविता यानी चुड़ैल वह अपनी बीती जिंदगी के बारे में बताने लगती है कैसे अविनाश ने उसको मारा था- Bhoot ki kahani in Hindi

सविता फ्लैशबैक में जाते हुए

Bhoot ki kahani in Hindi- यह बात आज से 1 साल पहले की है जब देवनगर शहर में सविता अपने परिवार के साथ रहती थी वह अपने पति और अपने बच्चे के साथ रहती थी जो कि अभी 8 महीने का था सविता का पति होटल में वेटर का काम करता था और सविता फूलों की माला बनाने और फूल बेचने का काम करती थी एक दिन सविता जब रोड पर अपने थैले में फूल और माला इस सजाकर बेचने के लिए जा रही थी
तभी वहां पर एक वृद्ध दंपति आते हैं और उससे 200 रुपए के कुछ फूल और मालाएं खरीदते हैं वह दंपति सविता को ₹500 देते हैं लेकिन सुविधा के पास ₹500 खुले ना होने की वजह से वह उनको कहती है कि उसके पास खुल्ले नहीं है वह दंपति कहते हैं की कोई बात नहीं बाद में वापस दे देना और वह वहां से चले जाते हैं करीबन 1 महीने बाद वह दंपति मंदिर में जा रहे होते हैं तभी सविता उनको देख लेती है और उनके ₹300 देने के लिए उनके पास भाग कर जाती है और उनको ₹300 वापस दे देती है उसके ही सरल स्वभाव को देखकर वह दंपति सविता को उनके लड़के की शादी में फूलों का ऑर्डर दे देते हैं यह देखकर सविता खुशी से फूली नहीं समा रही थी उसको आज तक इतना बड़ा ऑर्डर कभी नहीं मिला था- Bhoot ki kahani in Hindi

शादी के दिन
सविता खुशी-खुशी सारे फूल और माला लेकर शादी वाले घर में पहुंच जाती है तभी वहां वह डॉक्टर अविनाश को भी देखती है जो दूल्हे का दोस्त था माला अपना सारा काम करके वहां से निकल ने वाली होती है तभी डॉक्टर अविनाश वहां आते हैं और सविता से से बातें करने लग जाते हैं वैसे अमिता को बताते हैं कि वह उसी शहर के हॉस्पिटल में लगे हुए हैं और उसके काम की तारीफ करते हैं कुछ ही दिनों में दोनों अच्छे दोस्त बन जाते हैं सविता भी डॉक्टर अविनाश को अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी एक दिन जब सविता अपने घर पर काम कर रही थी तभी डॉक्टर अविनाश आते हैं मिठाई लेकर और सविता को देख कर बोलते हैं कि मेरे बच्चा हुआ है उसी खुशी में है मैं तुम्हारे परिवार के लिए मिठाई लाया हूं और डॉक्टर अविनाश सविता को इनवाइट कर के वहां से चले जाते हैं- Bhoot ki kahani in Hindi
मिठाई खाने के बाद सविता और उसके पति की तबीयत बिगड़ जाती है और आसपास के पड़ोसी उनको हॉस्पिटल में भर्ती करवाते हैं वह वही हॉस्पिटल था जिसमें डॉ अविनाश काम करते थे डॉ अविनाश उनको देखते हैं और मन ही मन खुश होने लगते हैं- Bhoot ki kahani in Hindi
अगले दिन जब सविता को होश आता है तब उनके पति उनके पास नहीं होते तभी सीता को पता चलता है कि इलाज के दौरान उसके पति की मौत हो चुकी है तभी वहां डॉक्टर आता है और सविता को इंजेक्शन लगाने का बोलता है तभी नर्स जो कि वही नर्स थी जो डॉक्टर के साथ भावना के पास थी वह नरस सविता को इंजेक्शन लगाती है
और सविता बेहोश हो जाती है कुछ समय बाद जब उसको होश आता है तब वह देखती है कि उसकी बॉडी ऑपरेशन रूम में पड़ी है और डॉक्टर अविनाश उसकी बॉडी से उसकी किडनी निकाल रहे हैं सविता भागकर डॉक्टर अविनाश को मारने के लिए जाती है लेकिन वह कुछ नहीं कर पाती वहां एक आत्मा बन चुकी थी तभी वह उसकी बॉडी के पास में अपने पति की बॉडी देखती है और वह जोर-जोर से चिल्ला पड़ती है लेकिन उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था- Bhoot ki kahani in Hindi

वापस अपने समय में आते हुए चुड़ैल जो कि डॉ अविनाश के सीने पर बैठी थी उसके आंखों में खून की बूंदे टपकने लगती है वह चिल्ला रही थी रो रही थी और तभी वह अपने बड़े बड़े नाखूनों से उसके सीने को फाड़ देती है डॉ अविनाश के चिल्लाने और तड़पने की आवाज शांत हो जाती है सविता उसकी बॉडी पर खड़ी थी और जोर जोर से हंस रही थी तभी वह कीर्ति की तरफ देखती है और भावना के शरीर से बाहर निकल जाती है अभी भावना होश में आते हुए अपनी बेटी कीर्ति की तरफ जाती है कीर्ति यह मंजर देख कर बेहोश हो चुकी थी वह उसको उठाती है और पुलिस को फोन कर देती है पुलिस वहां आकर छानबीन करते हैं और नर्स को गिरफ्तार कर लेते हैं साथ ही हॉस्पिटल को भी बंद करवा देते हैं भावना से पूछताछ होती है और उसको पुलिस गवाही के बाद छोड़ देती है और एक किडनी चोरों का रैकेट का भी पर्दाफाश हो जाता है और साथ ही सविता की आत्मा को भी शांति मिल जाती है –Bhoot ki kahani in Hindi

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